इस्लामी गणतंत्र ईरान के रक्षामंत्री ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातेमी ने कहा कि समस्त रक्षा उपलब्धियां प्रतिबंधों के काल में प्राप्त हुई हैं।
रक्षामंत्री ने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेना ने ज़मीनी, हवाई और समुद्री रक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में जितना भी विकास हुआ है वह सब प्रतिबंधों के दौरान और कम से कम सुविधाओं के साथ रही है।
उन्होंने आईआरजीसी के विरुद्ध अमरीकी कार्यवाहियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आईआरजीसी पश्चिमी एशिया में आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध में अग्रणी है।
जनरल अमीर हातेमी ने ईरान के तेल की बिक्री पर लगे अमरीकी प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुश्मन को इस बार भी अपने षड्यंत्रों में विफलता का मुंह देखना पड़ेगा।
इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद से ईरान को आठ वर्षीय युद्ध और अमरीका की दिन प्रतिदिन की धमकियों का सामना रहा है और इसीलिए उसने अपनी रक्षा शक्ति बढ़ाने पर काम जारी रखा। अनेक रणनैतिक शोध केन्द्रों का यह मानना है कि ईरान ने वर्तमान धमकियों के दृष्टिगत अपनी रक्षा शक्ति में उचित वृद्धि की है। इन्हीं उपब्लिधियों में बैलेस्टिक मीज़ाइलों का निर्माण, आधुनिक तारपीडो से लैस पनडुब्बियां, एंटी शिप क्रूज़ मीज़ाइल और ज़मीन से ज़मीन पर मार करने वाले क्रूज़ मीज़ाइलों के नाम लिए जा सकते हैं।
सीएसआईएस सेन्टर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि क्षेत्र में एक सैन्य शक्ति के रूप में ईरान ने हमेशा ही अपनी सैन्य शक्ति काम किया है यद्यपि उसकी अपने दूसरे अरब पड़ोसी देशों के विपरीत पश्चिम के आधुनिक हथियारों तक पहुंच नहीं है किन्तु उसने बैलेस्टिक मीज़ाइलों विभिन्न क्षेत्रों में ज़बरदस्त विकास किया है और यही कारण है कि वह फ़ार्स की खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर के व्यापक क्षेत्रों पर गहरी नज़र रखता है।